स्पष्टता न्यूज
नई दिल्ली। रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर भारत ने अपना रुख साफ कर दिया है। विदेश मंत्री एस। जयशंकर ने शनिवार को विदेश मंत्रालय की सलाहकार समिति की बैठक में कहा कि रूस का कच्चा तेल भारत के एनर्जी मिक्स का हिस्सा बना रहेगा। बैठक में भारत-रूस संबंधों, यूक्रेन युद्ध और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में सांसदों के साथ रूस पर भारत की कच्चे तेल के लिए निर्भरता और यूक्रेन युद्ध को खत्म करने में भारत की भूमिका पर खास चर्चा हुई। जयशंकर ने सांसदों को बताया कि बाहरी दबाव के बावजूद नई दिल्ली मॉस्को के साथ अपने संबंध बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारत ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों को अपने रूस के साथ बहुआयामी जुड़ाव का अहम हिस्सा बताया।
बैठक में बताया गया कि भारत के कच्चे तेल के आयात में रूस की हिस्सेदारी करीब 52 प्रतिशत है। यूक्रेन युद्ध के चलते पश्चिम एशिया के पारंपरिक ऊर्जा आपूर्तिकर्ताओं पर असर पड़ा है। ऐसे में रूसी तेल भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि युद्ध जारी रहने के बावजूद यूरोपीय देश भी अपनी ऊर्जा जरूरतों का कुछ हिस्सा रूस से आयात कर रहे हैं।
